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10 जून, 2026

गुरुग्राम में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ आधी रात को बड़ी कार्रवाई: झुग्गियों से लेकर होटलों तक भारी पुलिस दबिश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने एक बड़ा और कड़ा अभियान शुरू किया है। शहर के अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से सोमवार की आधी रात को पुलिस की कई टीमों ने एक साथ भारी दबिश दी। इस कार्रवाई से संदिग्ध इलाकों में हड़कंप मच गया। पुलिस के इस अचानक और बड़े एक्शन से अवैध रूप से रह रहे लोगों में हड़कंप मच गया है। कई संदिग्ध इलाकों में रात के अंधेरे में चली इस तलाशी के कारण लोग बेहद सतर्क नजर आए। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था। आधी रात को पुलिस की छापेमारी पुलिस उपायुक्त यानी डीसीपी ईस्ट संदीप के नेतृत्व में पुलिस की बड़ी टीमों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस विशेष अभियान के तहत झुग्गी-झोपड़ियों, स्थानीय कॉलोनियों, किराये के मकानों, औद्योगिक क्षेत्रों तथा होटलों में रह रहे लोगों की बारीकी से जांच की गई। पुलिस के जवान देर रात तक लोगों के पहचान पत्रों की जांच करते रहे। इस छापामार कार्रवाई के दौरान संदिग्ध पाए गए व्यक्तियों के पहचान पत्रों और दस्तावेजों का गहराई से मिलान किया गया। जिन लोगों के कागजात अधूरे या जाली होने का संदेह था, उन्हें आगे की जांच के लिए चिह्नित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी औचक जांच आगे भी जारी रहेगी। गुरुग्राम में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश गुरुग्राम पुलिस ने कुछ दिनों पहले ही शहर में अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए एक मेगा सर्च ऑपरेशन चलाने की घोषणा की थी। खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस को खबर मिली थी कि कई विदेशी नागरिक बिना किसी वैध वीजा या पासपोर्ट के यहां छिपकर रह रहे हैं। इसके बाद ही इस गुप्त योजना को जमीन पर उतारा गया। इस तलाशी अभियान के तहत विशेष रूप से उन इलाकों को घेरा गया जहाँ कम किराए पर लोग रहते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिना वैध दस्तावेजों के भारत में निवास करने वाले किसी भी विदेशी नागरिक को बख्शा नहीं जाएगा। पकड़े गए संदिग्धों के खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत सख्त कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। झुग्गियों और होटलों में गहन चेकिंग पुलिस की टीमों ने सेक्टर 49 और उसके आसपास बनी झुग्गी बस्तियों में तड़के तक तलाशी अभियान चलाया। इसके साथ ही हाईवे के पास बने छोटे होटलों और ढाबों पर काम करने वाले कर्मचारियों के दस्तावेजों को भी खंगाला गया। होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को बिना पुख्ता आईडी के कमरा न दें। इस अभियान के दौरान पुलिस ने स्थानीय निवासियों की समिति यानी आरडब्ल्यूए से भी संपर्क साधा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने घरों में काम करने वाले नौकरों, चालकों और सफाई कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूर करवाएं। ऐसा न करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। आम नागरिकों से सहयोग की अपील गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप तुरान ने मीडिया को बताया कि यह अभियान पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके पड़ोस में कोई संदिग्ध व्यक्ति या विदेशी नागरिक अवैध रूप से रहता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को खबर दें। इसके लिए नागरिक सीधे हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर सकते हैं। मदद के लिए बनाए गए इस नंबर पर आने वाली हर सूचना को पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। पुलिस ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि इस अभियान से किसी भी वैध भारतीय नागरिक को परेशान नहीं किया जाएगा। यह जांच केवल उन घुसपैठियों की पहचान करने के लिए है जो देश के नियमों का उल्लंघन करके यहां रह रहे हैं। अफवाह फैलाने वालों पर होगी जेल इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक जानकारियां और वीडियो प्रसारित होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इंटरनेट पर किसी भी प्रकार की झूठी या मनगढ़ंत अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साइबर सेल की टीम ऐसे संदेशों पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या डर का माहौल पैदा करने वाले किसी भी शरारती तत्व के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे केवल आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें। शहर में शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पिछले अभियानों से सीख और बदलाव पिछले साल भी इसी तरह के एक चेकिंग अभियान के दौरान कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था। उस समय बड़े पैमाने पर कागजात की जांच की गई थी और कुछ लोगों को वापस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी। इस बार पुलिस ने अपनी रणनीति में थोड़ा बदलाव किया है ताकि आम कामकाजी वर्ग को कोई असुविधा न हो। इस बार पुलिस की टीमें घर-घर जाकर सीधे बातचीत कर रही हैं और किसी भी प्रकार का अस्थाई हिरासत केंद्र नहीं बनाया गया है। कानूनी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। संदिग्ध पाए जाने पर व्यक्ति को सीधे सक्षम प्राधिकारी के सामने पेश किया जा रहा है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके। संदिग्ध इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी इस कार्रवाई के बाद से गुरुग्राम के सीमावर्ती और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है। पुलिस की पीसीआर यानी पुलिस कंट्रोल रूम की गाड़ियां लगातार गश्त लगा रही हैं। रात के समय संदिग्ध वाहनों की चेकिंग भी बढ़ा दी गई है ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति पुलिस की नजरों से बचकर भाग न सके। स्थानीय प्रशासन और खुफिया विभाग के अधिकारी भी इस पूरे मामले में पुलिस का लगातार साथ दे रहे हैं। आने वाले दिनों में शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और नई सोसायटियों में भी इसी प्रकार का सघन जांच अभियान चलाने की योजना तैयार की गई है। मकान मालिकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश पुलिस ने साफ किया है कि जो मकान मालिक अपने किराएदारों का रिकॉर्ड नहीं रखते, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है। सभी रिहायशी सोसायटियों और झुग्गी क्षेत्रों के ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने यहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति का ब्योरा पुलिस के पास जमा करें। ऐसा न करने पर इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए गुरुग्राम पुलिस डिजिटल माध्यमों का भी सहारा ले रही है। मकान मालिक घर बैठे ही ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपने किराएदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन फॉर्म भर सकते हैं। इस आधुनिक व्यवस्था से आम लोगों का समय बचेगा और सुरक्षा तंत्र भी मजबूत होगा।