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देश9 जून, 2026 | 11:42

22 मौतों वाले अग्निकांड की जांच में IIT दिल्ली की एंट्री, मुख्य आरोपी जय मिश्रा ने किया सरेंडर

22 मौतों का अग्निकांड: IIT दिल्ली करेगा जांच, जय मिश्रा का सरेंडर

देश वार्ताहर

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22 मौतों वाले अग्निकांड की जांच में IIT दिल्ली की एंट्री

22 लोगों की जान लेने वाले भीषण अग्निकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। हादसे की जांच के लिए आईआईटी दिल्ली की टीम बुलाई गई है, वहीं मुख्य आरोपी जय मिश्रा ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है।

22 मौतों वाले अग्निकांड की जांच में IIT दिल्ली की एंट्री

हाल ही में हुए 22 मौतों वाले भीषण अग्निकांड मामले में एक बहुत बड़ा और अहम मोड़ सामने आया है। इस दर्दनाक हादसे की जांच में अब देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली की आधिकारिक एंट्री हो गई है। तकनीकी विशेषज्ञों की यह टीम अब इस बात की गहराई से जांच करेगी कि आग कैसे लगी और इमारत में सुरक्षा के क्या इंतजाम थे।

इसी बीच पुलिस के भारी दबाव और लगातार हो रही छापेमारी के बाद मामले के मुख्य आरोपी जय मिश्रा ने आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। यह नई घटना पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की दिशा में एक बड़ी उम्मीद लेकर आई है। पूरे राज्य की नजरें अब इस मामले की निष्पक्ष जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिक गई हैं।

आग के सटीक कारणों की जांच करेगी तकनीकी टीम

इस भयावह अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सामान्य पुलिस जांच के अलावा तकनीकी जांच का जिम्मा आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों को सौंपने का फैसला किया है। प्रशासन का मानना है कि इतनी बड़ी घटना के पीछे के सटीक वैज्ञानिक और संरचनात्मक कारणों का पता लगाना बेहद जरूरी है।

आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ अपनी उन्नत तकनीक और लंबे अनुभव के जरिए घटनास्थल से अहम सुराग जुटाएंगे। यह टीम मुख्य रूप से बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट, किसी भी प्रकार के ज्वलनशील रसायनों की मौजूदगी और इमारत के वेंटिलेशन सिस्टम की खामियों पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।

पुलिस के दबाव में जय मिश्रा का सरेंडर

हादसे के बाद से ही पुलिस की कई विशेष टीमें मुख्य आरोपी जय मिश्रा की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थीं। जय मिश्रा घटना वाले दिन से ही अपना मोबाइल फोन बंद करके भूमिगत हो गया था। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने उसके कई करीबियों, दोस्तों और रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी थी।

पुलिस के इस भारी दबाव और अपनी संपत्ति कुर्क होने के डर से जय मिश्रा ने गुपचुप तरीके से स्थानीय पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर दिया। जय मिश्रा उस विवादित इमारत का मुख्य संचालक बताया जा रहा है, जिस पर अग्नि सुरक्षा नियमों की घोर अनदेखी करने का सीधा और गंभीर आरोप है।

रिमांड पर लेकर सवालों के जवाब तलाशेगी पुलिस

सरेंडर के तुरंत बाद पुलिस ने जय मिश्रा को अपनी हिरासत में ले लिया है। अब पुलिस उसे अदालत में पेश करके उसकी लंबी रिमांड मांगने की कानूनी तैयारी कर रही है। वरिष्ठ जांच अधिकारियों का कहना है कि जय मिश्रा से कई अहम और चुभने वाले सवालों के जवाब उगलवाने हैं ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिना फायर एनओसी (No Objection Certificate) के यह पूरी बहुमंजिला इमारत और कारोबार इतने लंबे समय से कैसे चल रहा था। इसके अलावा जांच दल यह भी पता लगाएगा कि इस बड़ी लापरवाही में प्रशासन के किन भ्रष्ट अधिकारियों की मौन सहमति शामिल थी।

इमारत के नक्शे और निकासी व्यवस्था पर सवाल

आईआईटी दिल्ली की टीम घटनास्थल पर पहुंचकर बिल्डिंग के स्वीकृत नक्शे और उसकी असल बनावट का बारीकी से मिलान कर रही है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इमारत में प्रवेश और निकास के लिए सिर्फ एक ही संकरा रास्ता मौजूद था।

जब भयंकर आग भड़की तो अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं मिला और दम घुटने से उनकी जान चली गई। टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या इमारत के निर्माण में अवैध और ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल हुआ था। इमारत में लगे आग बुझाने वाले उपकरणों की भी जांच हो रही है जो आपातकाल में पूरी तरह से नाकाम साबित हुए।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की तेज हुई मांग

इस दर्दनाक हादसे में अपने निर्दोष परिजनों को खोने वाले लोग अभी भी गहरे सदमे और गुस्से में हैं। जय मिश्रा के सरेंडर की खबर मिलने के बाद पीड़ित परिवारों ने सरकार से न्याय प्रक्रिया को तेज करने की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि इस संवेदनशील मामले की सुनवाई किसी सामान्य अदालत के बजाय सीधे फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए।

पीड़ितों का कहना है कि सिर्फ एक संचालक की गिरफ्तारी इस बड़ी त्रासदी के लिए काफी नहीं है। उन सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए जिन्होंने चंद पैसों के लालच में इस अवैध निर्माण को वर्षों तक आंख मूंदकर चलने दिया।

शहर भर में शुरू हुआ अग्नि सुरक्षा अभियान

इस बड़े अग्निकांड के बाद पूरे राज्य का पुलिस और नागरिक प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। आला अधिकारियों के कड़े निर्देशों के बाद शहर की सभी व्यवसायिक इमारतों, बड़े कोचिंग सेंटरों और फैक्टरियों का सघन फायर सेफ्टी ऑडिट शुरू कर दिया गया है।

जिन इमारतों में आग बुझाने के पर्याप्त और चालू हालत में इंतजाम नहीं मिल रहे हैं, उन्हें प्रशासन द्वारा तुरंत सील किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को अब बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरी कानूनी प्रक्रिया आईआईटी दिल्ली की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

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